मुंबई । लोकपाल की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत लगातार खराब हो रही है। पिछले 4 दिनों में उनका वजन 3 किलो से ज्यादा कम हो गया है। अनशन शुरू हुए 5 दिन हो गए हैं। इसके बाद भी सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं करने से रालेगण सिद्धि और महाराष्ट्र में उनके समर्थकों के बीच में गंभीर रोष देखने को मिल रहा है।
उल्लेखनीय है अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री कार्यालय को कई पत्र पूर्व में लिखे थे। किंतु उनका कोई जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय से पूर्व में नहीं मिला था। अनशन शुरू होने के बाद, प्रधानमंत्री कार्यालय से जो जवाब आया है, उससे अन्ना के समर्थकों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय से जो पत्र आया है, उसमें लिखा है, कि आपके पत्र प्रधानमंत्री को प्राप्त हो गए हैं। उन पर विधिवत कार्यवाही की जा रही है। धन्यवाद इससे समर्थकों का गुस्सा और भड़क गया है।
अन्ना हजारे ने अनशन के दौरान संकेत दिया है कि अगर उनके जीवन को कुछ होता है। तो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार होंगे। पिछले 5 दिनों से अन्ना के अनशन पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करने से समर्थक काफी नाराज हैं। शनिवार को जेल भरो आंदोलन शुरू हो गया है। अब इस आंदोलन को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन शुरु करने की चेतावनी दी गई है।