राज्यपाल श्री लालजी टंडन के निर्देशन में प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालय विश्वव्यापी कोरोना संकट से निपटने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस के संबंध में उपलब्ध कराई गई अधिकृत जानकारी के प्रचार-प्रसार में इन विश्वविद्यालयों द्वारा सोशल नेटवर्किग साइट्स का उपयोग किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों को अभी तक व्हाट्सएप, एसएमएस और ई-मेल द्वारा 17 लाख 55 हजार से अधिक संदेश भेजे गए है। छात्र-छात्राओं को कोरोना वायरस से बचाव के संबंध में भी सूचित और शिक्षित किया गया है।

राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र प्रभावी तरीका है। इस संबंध में छात्र-छात्राओं को स्वयं इसका पालन करने और दूसरों को पालन कराने के लिये प्रेरित करने के प्रयास विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए हैं। इस कार्य में आधुनिक संचार सुविधाओं का उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को एसएमएस के द्वारा 14 लाख 28 हजार 653, व्हाट्सअप से 1 लाख 15 हजार 790 और ईमेल के माध्यम से 2 लाख 10 हजार 596 संदेश भेजें गए है। उन्होंने बताया कि संदेशों में घर पर ही रहने, सामाजिक दूरी बनाए रखने, हाथों को धोते रहने सहित अन्य जानकारियाँ दी गई है।

राज्यपाल श्री टंडन ने विगत 25 मार्च को विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को विडियो कॉन्फ्रेंस में लॉक डाउन के दौरान कोरोना वायरस संकट से बचाव के लिए जन-जागृति के कार्य करने को निर्देशित किया था। विश्वविद्यालयों द्वारा 48 घंटे के अन्दर राज्यपाल के निर्देशों के पालन में 17 लाख 55 हजार 39 संदेश छात्र-छात्राओं को भेजे गये हैं।