दिल्ली,फाइनैंस मिनिस्ट्री ने आरबीआई को एक लेटर भेजा है जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट्स(EMI), इंटरेस्ट के पेमेंट और लोन रीपेमेंट पर कुछ महीनों की छूट दी जाए। मंत्रालय ने नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट्स के क्लासिफिकेशन में ढील देने का सुझाव भी दिया है।

कोरोना से इनकम लॉस
मामले से वाकिफ एक शख्स ने ईटी को बताया कि फाइनैंशल सर्विसेज डिपार्टमेंट के सेक्रटरी देबाशीष पंडा ने मंगलवार को इस संबंध में आरबीआई को एक लेटर लिखा था। पंडा ने सिस्टम में लिक्विडिटी बनाए रखने पर भी जोर दिया है। इस लेटर में इन राहत उपायों की जरूरत पर बल दिया गया है क्योंकि आम लोगों और कंपनियों को कोरोना वायरस के कारण घोषित लॉकडाउन के बीच इनकम लॉस हो रहा है।

लोन की किस्तें चुकाने में मुश्किल!
पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था। कई कंपनियां और लोग हो सकता है कि लॉकडाउन के कारण लोन की किस्तें न चुका पाएं। ऐसा होने पर बैंक उनके खिलाफ ऐक्शन ले सकते हैं। इससे क्रेडिट प्रोफाइल पर भी आंच आएगी। आरबीआई के नियमों के तहत पेमेंट में किसी भी डिफॉल्ट को 30 दिनों के भीतर दर्ज करना होता है और ऐसे अकाउंट्स को स्पेशल मेंशन अकाउंट की कैटिगरी में डालना होता है।