नई दिल्ली । भारत के मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा कि टूर्नामेंटों में खेलने और नहीं खेलने का फैसला खिलाड़ियों को स्वयं करना है। ओलंपिक क्वालीफाइंग समय इस साल 29 अप्रैल से शुरू होगा और विश्व बैडमिंटन महासंघ 30 अप्रैल 2020 की रैंकिंग के आधार पर टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए ओलंपिक कोटा आवंटित करेगा। गोपीचंद ने कहा कि अब खिलाड़ी ज्यादा टूर्नामेंटों में खेलने के बारे में नहीं सोचते और टूर्नामेंटों में खेलने को लेकर अपनी योजनाएं बना रहे हैं। गोपीचंद ने कहा, खिलाड़ी अधिक टूर्नामेंट खेल रहे हैं इसे लेकर फैसला करना कठिन है क्योंकि टूर्नामेंट में खेलने का फैसला करने को लेकर कोई प्रणाली का नियम नहीं है। अब हालांकि खिलाड़ी अधिक समझदार हो गए हैं और वे योजना बनाने लग गए हैं कि किस टूर्नामेंट में खेलना है और किसमें नहीं। उन्होंने कहा, ओलंपिक के करीब अपने पर हालांकि खिलाड़ी अधिक टूर्नामेंटों में खेलने की कोशिश करते हैं और ऐसे में महत्वपूर्ण है कि वे ओलंपिक से पहले चोटिल नहीं हो जाएं।
गोपी ने कहा कि इंडियन ओपन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुल मिलाकर अच्छा रहा।उन्होंने कहा, एक-दो मैचों को छोड़ दिया जाए तो टूर्नामेंट हमारे लिए काफी अच्छा रहा। सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया फिर वह चाहे किदांबी श्रीकांत हो, बी साई प्रणीत हो या एचएस प्रणय हो। गोपीचंद ने कहा, इनमें से अधिकांश ने एक दूसरे के खिलाफ मुकाबले गंवाए। समीर वर्मा और प्रणय एक दूसरे के खिलाफ खेले। प्रणीत भी श्रीकांत के खिलाफ खेला। पुरुष युगल और महिला युगल जोड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। श्रीकांत का फाइनल में पहुंचना अच्छा रहा। अच्छा होता कि सिंधू कल का मैच जीत लेती। महिला और पुरुष युगल जोड़ियों के पास और आगे तक जाने का मौका था। कुल मिलाकर इन सब चीजों के बावजूद टूर्नामेंट अच्छा रहा।