साल में चार नवरात्रि होते हैं। दो गुप्त नवरात्रि होते हैं, जिन्हें माघ गुप्त नवरात्रि और आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इस दौरान रात के समय माता दुर्गा की गुप्त पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दौरान माता गुप्त मनोकामनाएं पूरी करती हैं और साधक को धन, ऐश्वर्या, सुख, शांति सहज ही पूजन से प्राप्त हो जाता है। गुप्त नवरात्रि तीन जुलाई से है। देवी के नौ रूपों की पूजा के साथ-साथ गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की साधना की जाएगी। इस वर्ष गुप्त नवरात्र 22 जून से शुरू हो रहे है। इस बार गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ 22 जून को होगा तथा समापन 29 जून को होगा। इस बार माता का आगमन हाथी पर होगा। हाथी पर आगमन होने से अधिक पानी बरसने की संभावना रहेगी और भगवती की विदाई भैसे पर होगी, जिससे रोग और शोक में वृद्धि होगी।