कलेक्टर श्री पी.एस.एल्मा ने जिले में कोरोना नियंत्रण एवं रोकथाम और बाहर से आये लोगों को होम आईसोलेट में लोगों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में बेबश, लाचार व्यक्ति भूखा न रहे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। इसके साथ ही गरीब, मजदूर और निराश्रितों को नियमित भोजन और निःशुल्क राशन मिले, इसको सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा की, जो जरूरतमंदों को भोजन, खाद्यान्न और अन्य सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। 
    बैठक में जानकारी दी गयी कि जिले में अन्य जिलों की तुलना में बेबश, लाचार और गरीब मजदूरों की संख्या बहुत कम है। बैठक में बताया कि जिले में अब तक तकरीबन 300 लोगों को भोजन कराया गया है। इसके साथ ही 50 से अधिक लोगों को लगभग साढ़े 5 क्विंटल चांवल और एक क्विंटल दाल का निःशुल्क वितरण किया गया है। इसके साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं भी जरूरतमंद लोगों की मदद कर रही है। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री डी.के.एस.चौहान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल, एसडीएम श्री दिनेश कुमार नाग के अलावा कोर कमेटी के अन्य सदस्य अधिकारी उपस्थित थे। 
    कलेक्टर श्री एल्मा ने नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शालाओं में घोषित अवकाश के दिनों में मध्यान्ह भोजन अंतर्गत बच्चों को 40 दिन का सूखा खाद्यान्न (चावल एवं दाल) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री वितरण के लिए आगामी 3 एवं 4 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गयी है। इसके लिए उन्होंने निर्धारित तिथि के पूर्व ग्राम में मुनादी के द्वारा बच्चों के पालकों को अवगत कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस बात का ख्याल रखा जाये कि वितरण के दौरान शालाओं मे भीड़ इकट्ठी न हो। कलेक्टर श्री एल्मा ने कहा कि मनरेगा के काम चलते रहें, लेकिन उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा जाये। इसके साथ ही उन्होंने अधूरे पड़े पुल-पुलिया के कार्य को भी पूरी सावधानी के साथ कराने पर बल दिया।