नई दिल्ली । लॉकडाउन के बावजूद म्यूचुअल फंड उद्योग ने अप्रैल में लगभ सात लाख निवेशक खाते जोड़े हैं। इससे म्यूचुअल फंड उद्योग के कुल फोलियो का आंकड़ा 9.04 करोड़ पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि लोगो की दिलचस्पी इस दौरान एमएफ निवेश में बढ़ी है। असोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने कहा कि यह लगातार 71वां महीना है जबकि फोलियो की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। फोलियो वह संख्या है जो व्यक्तिगत निवेशक खाते को दी जाती है। एक निवेशक के कई फोलियो हो सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार देश की 44 म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास फोलियो की संख्य अप्रैल के अंत तक बढ़कर 9,04,28,589 हो गई। मार्च के आ‎खिर तक यह 8,97,46,051 थी। एक माह में फोलियो की संख्या में 6,82,538 का इजाफा हुआ। इससे पहले मार्च में म्यूचुअल फंड कंपनियों ने नौ लाख से अधिक फोलियो जोड़े थे। आंकड़ों के अनुसार देश की 44 म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास फोलियो की संख्य अप्रैल के अंत तक बढ़कर 9,04,28,589 हो गई। मार्च के अंत तक यह 8,97,46,051 थी। एक माह में फोलियो की संख्या में 6,82,538 का इजाफा हुआ। इससे पहले मार्च में म्यूचुअल फंड कंपनियों ने नौ लाख से अधिक फोलियो जोड़े थे। कंपनी ‎विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक एमएफ को निवेश के मौके के तौर पर देख रहे हैं। बाजार में गिरावट का फायदा उठाने को इसमें निवेशक पैसा लगाना चाहते हैं। अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, ऐसे में निवेशक म्‍यूचुअल फंड स्‍कीमों से जुड़े बाजार जोखिम को बेहतर मान रहे हैं। कुल 9.04 करोड़ निवेशक खातों में से इक्विटी, हाइब्र‍िड और सॉल्‍यूशन बेस्ड स्‍कीमों में करीब 8 करोड़ खाते हैं।